जीवन में कभी-कभी छोटी शुरुआत भी बड़ी मंजिलों तक पहुंचा देती है। अगर इंसान के अंदर मेहनत, लगन और सीखने की चाह हो तो कोई भी मुश्किल रास्ता आसान बन जाता है। भारतीय मूल के अमोल कोहली की कहानी इसका जीता-जागता उदाहरण है। कभी अमेरिका में बर्तन धोकर गुज़ारा करने वाले अमोल आज 250 से अधिक रेस्तरां के मालिक बन चुके हैं। उनकी यह यात्रा बताती है कि सपने चाहे छोटे हों या बड़े, उन्हें साकार करने के लिए जुनून सबसे जरूरी है।
संघर्ष भरे शुरुआती दिन
अमोल कोहली की कहानी साल 2003 से शुरू होती है, जब वे केवल 15 साल के थे। अमेरिका में पढ़ाई करते हुए उन्होंने अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए एक रेस्तरां में पार्ट-टाइम नौकरी शुरू की। काम कुछ भी तय नहीं था — कभी ग्राहकों की टेबल साफ करनी पड़ती, तो कभी बर्तन धोने होते। उन्हें प्रति घंटे मात्र 5 डॉलर मिलते थे, लेकिन अमोल ने कभी शिकायत नहीं की। उनके अंदर सीखने का जुनून और बेहतर करने की चाह थी, जिसने उन्हें दूसरों से अलग बना दिया।
हर छोटे काम से सीखा बड़ा सबक
अमोल ने रेस्तरां में काम करते हुए सिर्फ पैसे नहीं कमाए, बल्कि जीवन और व्यवसाय के कई महत्वपूर्ण सबक सीखे। उन्होंने समझा कि किसी भी सफल बिजनेस की नींव मेहनत, टीमवर्क और ग्राहक सेवा पर टिकी होती है। उन्होंने ड्रेक्सेल यूनिवर्सिटी से फाइनेंस और मार्केटिंग में डिग्री हासिल की, लेकिन असली शिक्षा उन्हें रेस्तरां के फर्श पर काम करते हुए मिली। वहां उन्होंने यह जाना कि बिजनेस चलाने के लिए केवल डिग्री नहीं, बल्कि अनुभव और समझ भी उतनी ही जरूरी है।
मेहनत ने बदली तकदीर
वक्त के साथ अमोल का अनुभव और दृष्टिकोण दोनों बढ़ते गए। उन्होंने अपने करियर को आगे बढ़ाते हुए निवेश की दिशा में कदम रखा। कई सालों की कड़ी मेहनत और समझदारी से उन्होंने उसी रेस्तरां चेन ‘फ्रेंडलीज’ को खरीद लिया, जहां कभी वे बर्तन धोया करते थे। इतना ही नहीं, उनकी निवेश कंपनी ने छह अन्य रेस्तरां ब्रांड्स का अधिग्रहण भी किया, जिससे उनका साम्राज्य अमेरिका के कई राज्यों में फैल गया।
आज हैं सैकड़ों रेस्तरां के मालिक
आज अमोल कोहली के स्वामित्व में करीब 250 रेस्तरां हैं। इनमें फ्रेंडलीज, क्लीन जूस, रेड मैंगो, ऑरेंज लीफ और हंबल डोनट जैसे लोकप्रिय ब्रांड शामिल हैं। यह सफलता किसी चमत्कार से नहीं, बल्कि सालों की मेहनत, दूरदृष्टि और आत्मविश्वास से संभव हुई है। अमोल की कहानी उन सभी के लिए प्रेरणा है जो जीवन में मुश्किल परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं।
निष्कर्ष
अमोल कोहली का जीवन हमें यह सिखाता है कि कोई भी काम छोटा नहीं होता और हर अनुभव हमें सफलता के एक कदम करीब ले जाता है। अगर हम अपने सपनों को सच्चे दिल से पूरा करने की कोशिश करें तो परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, सफलता जरूर मिलती है।











