उत्तर प्रदेश के एडेड जूनियर हाईस्कूलों में लंबे समय से अटकी भर्ती प्रक्रिया आखिरकार शुरू हो गई है। UP Basic Education Vacancy के लिए शिक्षा विभाग ने प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक पदों के लिए नई विज्ञप्ति जारी कर दी है। इस फैसले से हजारों अभ्यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई है, जो बीते चार वर्षों से इस भर्ती का इंतजार कर रहे थे।
आवेदन प्रक्रिया की तिथि और जरूरी जानकारी देखें
शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने बताया कि भर्ती से जुड़ी सभी जानकारी, जैसे आवेदन फॉर्म का प्रारूप, दिशा-निर्देश और शेड्यूल, 3 नवंबर से विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे। इच्छुक उम्मीदवार 15 नवंबर से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया 5 दिसंबर 2025 तक चलेगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि आवेदन करने से पहले सभी दिशा-निर्देश ध्यान से पढ़ें ताकि किसी प्रकार की गलती न हो।
कितने पदों पर होगी भर्ती?
प्रदेश के लगभग 800 एडेड जूनियर हाईस्कूलों में कुल 1,897 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें 390 पद प्रधानाध्यापक के लिए और 1,507 पद सहायक अध्यापक के लिए निर्धारित किए गए हैं। यह भर्ती पहले मार्च 2020 में शुरू की गई थी, लेकिन प्रशासनिक कारणों से 2021 में आयोजित परीक्षा के बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई थी।
अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया और संघर्ष क्या होगा?
भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू होने से अभ्यर्थियों में उत्साह है। कई अभ्यर्थी बीते वर्षों से आंदोलन और ज्ञापन के माध्यम से अपनी आवाज उठा रहे थे। जूनियर एडेड अभ्यर्थी संघ के सदस्य इसे अपनी लंबी लड़ाई की जीत मान रहे हैं। उनका कहना है कि इस भर्ती से हजारों परिवारों को राहत मिलेगी और शिक्षण व्यवस्था को भी नई ताकत मिलेगी।
खाली पदों से प्रभावित हो रहा था शिक्षण कार्य
प्रदेश में करीब 3,000 से अधिक एडेड जूनियर हाईस्कूल हैं, जिनमें हजारों पद वर्षों से खाली थे। शिक्षकों की कमी से शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा था। अब भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से उम्मीद है कि आने वाले महीनों में स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था मजबूत होगी और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।
परीक्षा 2021 के प्रमुख आँकड़े
2021 में आयोजित परीक्षा में सहायक अध्यापक पद के लिए 3.35 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से लगभग 42 हजार अभ्यर्थी सफल हुए थे। वहीं, प्रधानाध्यापक पद के लिए करीब 19 हजार उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 1,544 अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त की थी। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि इस भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों में कितना उत्साह था।
निष्कर्ष
यूपी एडेड स्कूलों में शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया दोबारा शुरू होना प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक सकारात्मक कदम है। इससे न केवल शिक्षकों को रोजगार मिलेगा, बल्कि छात्रों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित होगी। जो अभ्यर्थी इस भर्ती का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, अब उन्हें अपनी मेहनत का फल मिलने का समय आ गया है।











